मैं और मेरा परिवार 01

 



दोस्तो मेरा नाम अवी है. बचपन मे ही मेरी मा और पिताजी की एक रोड आक्सिडेंट मे डेथ हो गयी. मैं अनाथ हो गया. मेरे पिताजी का एक छोटा भाई और तीन बहने है . मेरे पिताजी पाचो भाई बहेनो मे बड़े थे.


मेरे चाचा ने 3 शादिया की थी, क्यू कि मेरी बड़ी चाची और मझली चाची को कोई बच्चा नही हुआ था. इस लिए मेरे चाचा ने तीसरी शादी की. मेरी बड़ी चाची का नाम सुमन है. मझली चाची का नाम सीमा है और छोटी चाची का नाम मीना है.



पूजा बुआ की फॅमिली-पूजा बुआ को 2 बेटी और 1बेटा है. बड़ी बेटी का नाम स्वेता और छोटी बेटी का नाम सीतल और बेटे का नाम राज है.



नेहा बुआ की फॅमिली-नेहा बुआ को 2 बेटी है कोमल और कविता. नेहा बुआ को मैं बिल्कुल भी पसंद नही हू .वो हमेश मुझे मारती और गालियाँ देती है



नीता बुआ की फॅमिली-नीता बुआ को 1 बेटा और 1 बेटी है. दोनो जुड़वा है. बेटी का नाम लीना और बेटे का नाम राजेश है.


मेरे सभी भाई बहन मुझसे छोटे है सिर्फ़ पूजा बुआ की दोनो बेटियो को छोड़ के क्यू कि मेरी बुआ ने 18 साल से कम उमर मे शादी की थी.मतलब मेरे पिताजी से पहले शादी की थी. मेरी मा और पिताजी की डेथ के बाद मेरे दादाजी ने मुझे अपने गाओं मेरे चाचा के साथ रहने को कहा. बड़ी चाची ने मुझे अपने घर लाने के लिए दादाजी को कहा था.शायद उनको बेटा नही था इसी लिए मुझे अपने पास रहने को बुला लिया. मेरी तीनो बुआ और मेरे चाचा एक ही गाओं मे रहते है.



मेरे माता पिता की डेथ को काफ़ी समय हो गया , आज मेरी उमर 23 साल है, मेरे माता पिता का आक्सिडेंट मेरे लिए एक शॉक्ड था, इस सदमे से निकलने के लिए मुझे 3 साल लग गये


उन 3साल मे ना मुझे भूक लगती थी और ना प्यास लगती थी,ना मैं किसी से बात करता था,और ना खेलने जाता था,ना पड़ाई करता बस अपने माता पिता को याद करता था



पर कहते है ना जो चला जाता है उसकी याद मे कितने दिन आसू बहाओगे



मेरी बड़ी चाची के समझाने पर मैं ने अपनी नयी लाइफ सुरू करने का फ़ैसला किया


3 साल की गैप को भर पाना मुश्किल था



फिर भी मैं ने हिम्मत नही हारी, बड़ी चाची ने मुझे गाओं के स्कूल मे अड्मिशन दिला दिया,बाकी लड़को से मेरी एज ज़्यादा थी,जिस से स्कूल मे मैं अकेला था,ना फ्रेंड थे और ना कोई हमदर्द था



ये थी मेरी नयी लाइफ की शुरूआत,



चलो मैं अपने भाई बहनो से मिलाता हू



पूजा(बड़ी बुआ)-45


नेहा(2न्ड बुआ) -43


नीता(छोटी बुआ जुड़वा बहन नेहा)-43


चाचा -40


1स्ट चाची (सुमन)-37


2न्ड चाची (सीमा)-36


3र्ड चाची (मीना)-33


स्वेता दीदी-27साल 


सीतल दीदी-26साल 

अवी(मैं)-23 साल 


कोमल-21साल 


राजेश और लीना -20साल 


कविता-20साल 


राज(स्वेता का भाई)-20 साल


मेरी बड़ी चाची मुझे मेरी मा जैसा प्यार करती है. मुझे कभी भी मेरी मा की कमी महसूस नही हुई . मेरी तीनो चाची मुझे अपने बेटे जैसा प्यार करती है. पर मेरे चाचा मेरी तीनो चाचियो को हमेशा गालिया देते है. मेरी तीनो बुआओ के पति दुबई मे काम करते है साल मे 1 महीने के लिए गाओं आते है.


मेरे चाचा का घर- मेरे चाचा के घर मे 3 बेडरूम है. 1स्ट बेडरूम मे चाचा और छोटी चाची का है. 2न्ड बेडरूम सीमा चाची और सुमन चाची का है और 3र्ड बेडरूम मुझे दिया है. 

मेरे दादाजी घर के स्टोर रूम मे रहते है .उनकी बीमारी के वजह से स्टोर रूम को साफ करके दादाजी को दे दिया है . मेरे दादाजी मुझे बहुत प्यार करते है क्योंकि मेरी बड़ी बुआ पूजा को दोनो बेटियाँ हुई और उसके बाद मेरा जनम हुआ .मैं मेरी फॅमिली मे सबसे बड़ा लड़का होने से मेरे दादाजी मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करते है.


मेरा अड्मिशन गाँव के स्कूल मे किया . मेरी ज़िंदगी अच्छे से चल रही है. जब मैं ने अपनी क्लास के हिसाब से बदलाव किए तब मेरे स्कूल मे मेरे दोस्त नगी पिक्चर देख कर उनकी बाते करते है. मुझे भी पिक्चर देख कर कुछ होता था तब मुझे पता नही था कि मेरा लंड कड़ा क्यू होता है .


एक दिन मैं मेरी पूजा बुआ के घर काम के लिए गया था .मैं हमेशा देखता था कि पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश हर महीने मे एक दिन को आता है. और जब भी पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश घर आता तब बुआ अपने बच्चो को पिक्चर देखने या फिर चाचा के घर खेलने भेज देती थी.


उस दिन भी पूजा बुआ ने अपने बच्चो को पिक्चर देखने भेज दिया. मेरे चाचा ने मुझे पूजा चाची के घर उनके पैसे देने के लिए भेजा .


जब मैं बुआ के घर पे गया तो घर पे कोई नही दिखा .मैं जब बुआ के रूम के पास गया तब मैने जो देखा उस पर मुझे विश्वास नही हो रहा था .


बुआ के दूध राकेश चूस रहा था .बुआ भी अजीब अजीब आवाज़े निकाल रही थी. अब बुआ की सहेली का भाई राकेश ने बुआ के पेटिकोट मे हाथ डाल कर उनका नाडा खोल दिया. बुआ अब बिल्कुल नगी हो चुकी थी .राकेश ने भी अपने कपड़े निकाल दिए . राकेश लंड लगबग 6 इंच का था . बुआ ने राकेश को चूत चाट ने के लिए कहा पर राकेश ने मना किया और अपना लंड बुआ की चूत मे डाल दिया .


चूत मे लंड डालने से बुआ ज़ोर से चीख पड़ी. पर राकेश ने उस चीख की परवा किए बिना ही अपने लंड को अपनी बहेन की सहेली की चूत मे डाल कर धक्के पे धक्का देना शुरू कर दिया था.


लगभग 10 मिनिट तक धक्के लगाने के बाद राकेश ज़ोर से चिल्ला कर बुआ के उपर गिर गया.


बुआ- क्या राकेश तुम हमेशा बिना मेरी चूत चाटे ही अपना लंड मेरी चूत मे डाल देते हो


राकेश- पूजा तुम्हे तो पता है मुझे चूत चाट ना पसंद नही है


बुआ-तुम मेरी चूत को गीला किए बिना ही लंड पेल देते हो


राकेश-क्या करू अब तो आदत हो गयी है


बुआ-हाँ ये तुम्हारी पुरानी आदत है अब मुझे भी आदत हो गई है


राकेश- हाँ अब 6 साल से तुम्हारी चुदाई कर रहा हू अब भी तुम वैसे ही चुदाई का मज़ा ले रही हो जैसे पहली बार चुद रही हो


बुआ-तुम मेरी सुखी चूत मे लंड डालोगे तो मेरी चीख नही तो क्या हसी निकलेंगी


राकेश-इसी लिए तो मैं तुम्हारे बच्चो को पिक्चर देखने भेजता हू


बुआ-तुम बहोत ही चालाक हो हमेशा किसी ना किसी बहाने मेरी चूत मारने आ जाते हो


राकेश-क्या करू मेरी बीवी तुम्हारी तरह चुदाई मे मेरा साथ नही देती है.


बुआ-अब उठो बच्चे आने वाले होंगे


राकेश-हाँ उठता हू


मैं ये बाते सुनकर जल्दी से घर के बाहर आया.फिर थोड़ी देर बाद मैने घर का दरवाजा खट खाटाया पूजा बुआ ने मुझे अंदर आने को कहा और राकेश के पास छोड़ कर अंदर चली गयी.


राकेश- क्या बात है अवी , क्या हुआ, ऐसे चुप क्यू हो


अवी-कुछ नही भैया थोड़ी तबीयत खराब है


राकेश-क्यू क्या हुआ


अवी-कुछ नही वो...


राकेश-अरे ये वो वो क्या लगा रहे हो


अवी-(तुम्हारी चुदाई देख कर परेशान हू) कुछ नही भैया ऐसे ही

राकेश-आरे यार तुम मुझे अपना दोस्त समझ कर बता दो .डरो मत


अवी-(इसे कुतिया बनाता हू) भैया वो क्या है कि मेरी क्लास के लड़के गंदी पिक्चर देख कर मुझे बोलते है कि ये देख तेरी पूजा बुआ कैसे नंगी है , ये देख तेरी बुआ के दूध कितने बड़े है.मुझे उन पर गुस्सा आता है


राकेश-देख अवी , तुम्हारी बुआ के बारे मे कोई भी कुछ कहे उन पर गुस्सा मत करा करो , लोग कितना भी कुछ कहे फिर भी तुम्हारी बुआ आख़िर तुम्हारी बुआ है


अवी-हाँ आप ठीक कह रहे हो


बुआ-अवी ये लो पैसे .अपने चाचा को दे देना

अवी-ठीक है बुआ अब मैं चलता हू . अच्छा भैया फिर मिलते है.

जब मैं घर आया तो छोटी चाची अपनी सहेली जो कि नर्स है, उस से बात कर रही थी.


मैं ने पैसे छोटी चाची को दिए और अपने रूम मे सोने चला गया.


छोटी चाची-हाँ रिया तूने मेरा काम किया


सहेली(रिया)- हाँ , तेरी रिपोर्ट लेकर आई हू


छोटी चाची-दिखा क्या लिखा है

सहेली-वो क्या है कि ..

छोटी चाची-ये क्या वो वो लगा रखा है .दे ना रिपोर्ट


सहेली-ये ले


छोटी चाची-यार मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा है


सहेली- इसमे लिखा है कि.....


छोटी चाची-हां बोल ना


सहेली- वो क्या है कि


छोटी चाची-अब बोलेगी भी कि नही

सहेली- वो तेरे सारे टेस्ट पॉज़िटिव है

छोटी चाची-और अवी के चाचा के


सहेली- वो नेगेटिव है


छोटी चाची-मतलब


सहेली- तेरे पति के कम मे स्पर्म बहोत कम है और जो स्पर्म है वो कमजोर है , मतलब तेरा पति तुझे कभी भी मा नही बना सकता


छोटी चाची-क्या बात कर रही है तू . ये कैसे हो सकता है.


सहेली- यही सच है


छोटी चाची-नही, मेरा पति तो 10 15 मिनिट तक मेरी चुदाई करता है.और मेरा तो दो या तीन बार पानी निकलता है


सहेली- वो सब ठीक है पर तेरा पति कभी भी बाप नही बन सकता


छोटी चाची-लेकिन


सहेली- ज़्यादा देर तक चुदाई करने से थोड़े ही बाप बनते है , वो तो स्पर्म पे डिपेंड करता है


छोटी चाची-तो मैं क्या करू .अवी के चाचा तो मेरी ही ग़लती मानते है


सहेली- तू एक काम कर किसी और का स्पर्म अपने अंदर ले के बच्चा पैदा कर

छोटी चाची-इस के लिए अवी के चाचा नही मानेंगे


सहेली- तो तू अवी के चाचा को मत बता और मेरे साथ हॉस्पिटल चल तेरा काम कर देती हू.किसी को पता नही चलेंगा


छोटी चाची-पर ये ग़लत है


सहेली- कुछ ग़लत नही है , शहर मे तो ऐसा रोज होता है


छोटी चाची-नही यार मैं ऐसा नही कर सकती,


सहेली- ठीक है मत कर मेरा क्या जाता है


छोटी चाची- तू गुस्सा मत कर


सहेली-नही ,मैं गुस्सा नही हू


छोटी चाची-वो जाने दे ये बता तेरा पति और बच्चे कैसे है

सहेली- अरे यार तेरी रिपोर्ट के चक्कर मे ये तो बताना भूल गयी कि ,मेरे पति का ट्रान्स्फर हो गया है .और हम इस सनडे ये शहर छोड़ कर जा रहे है


छोटी चाची-ये क्या तू भी मुझे छोड़ कर जा रही है


सहेली- जाना तो पड़ेगा चल अब मैं चलती हू


छोटी चाची- हां ठीक है ,कॉल करती रहना


सहेली-हां करूँगी बाइ अब शहर भी जाना है नही तो बस निकल जाएगी


चाची-(रिया के जाने के बाद ) रिया तूने मेरी एक बहोत बड़ी परेशानी दूर कर दी. अब मैं जल्दी ही मा बनूँगी पर पता नही उसका बाप कौन होगा.इसी घर का हुआ तो अच्छा होगा. मेरे साथ सुमन दीदी और सीमा दीदी भी मा बन जाएगी. अब सिर्फ़ होने वाले बच्चे का बाप ढूँढना पड़ेंगा. और ये रिपोर्ट तो जल गयी...


करीब 4 बजे मेरी नीद कुल गयी. मैं ने देखा मेरी पॅंट पर एक दाग लगा हुआ है .मैं ने अपनी पैंट उतारी तो मेरी छड़ी पर भी दाग लगा हुआ था.मैं ने तुरंत चड्डी निकाल दी और दूसरे कपड़े पहन कर बाहर खेलने चला गया.


मैं क्रिकेट खेल रहा था,एक लड़के ने एक जोरदार शॉर्ट मारा जिस से बॉल ग्राउंड के पास वाले स्टोर हाउस मे चली गयी .


वो स्टोर हाउस हमेशा बंद रहता है तो सब बच्चे अपने अपने घर चले गये पर बॉल मेरी थी इसी लिए मैं ने बॉल ढूँढने का फ़ैसला किया .


लगबग 6 बज रहे थे और सूरज भी ढल चुका था. मैं स्टोर हाउस के पीछे चला गया और कोई खिड़की ढूँढने लगा जिस से मैं अंदर जा सकु


थोड़ी देर बाद मुझे एक खिड़की खुली मिल गयी. मैं चुपके से अंदर गया और बॉल ढूँढने लगा.


पर स्टोर हाउस बड़ा था और अंधेरा भी हो चुका था कि तभी मुझे खिड़की से कुछ लड़के अंदर आते दिखाई दिए.


मैं जल्दी से छुप गया . मैं ने देखा मेरे स्कूल की यूनिफॉर्म पहने हुए दो लड़के और एक लड़की अंदर आ गये ,अंधेरा था पर खिड़की की रोशनी से मैं उनके यूनिफॉर्म देख पाया. और वो घास पर बैठ गये.


वो लड़की दोनो लड़को के बीच मे बैटी थी और दोनो लड़के उसके दूध दबा रहे थे .

1स्ट लड़का-तेरे आम तो मस्त है

2न्ड लड़का-हां यार इसके आम और तरबूजे दोनो मस्त हो गये


लड़की-तुम क्या सिर्फ़ बाते करने आए हो.या फिर कुछ करोगे भी


1स्ट लड़का-तेरे होन्ट तो बोहत मीठे है मैं तो दिन भर इस चूस्ता रहू


2न्ड लड़का-जल्दी अपने कपड़े उतार अब कंट्रोल नही होता है


लड़की-हां उतार रही हू मुझे भी कहाँ कंट्रोल हो रहा है .जब से तुम दोनो ने ये आदत लगा दी है तब से मेरी चूत मे खुजली हो रही है.


1स्ट लड़का-ले मेरा लंड चूस दे

2न्ड लड़का-तेरे बूब्स और बड़ा करता हू

लड़की-आह... मस्त मज़ा आ रहा है.


1स्ट लड़का-यार अब तू मेरी जगह आ और मैं तेरी जगह आता हू


2न्ड लड़का- आ जल्दी आ


लड़की- क्या चूसना लगा रहे हो पहले मेरी चूत मारो


थोड़ी देर बूब्स दबाने के बाद उस लड़के ने अपना लंड लड़की की चूत मे डाल दिया और धक्के मारने लगा और दूसरा लड़का अपना लंड लड़की के मूह मे डालकर चोदने लगा


अब फिर से दोनो ने अपनी जगह चेंज की और चुदाई सुरू की

ये देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया. पर खड़ा हो जाने के बाद क्या करते है मुझे पता नही था.मैने भी अपना लंड बाहर निकाला .मेरा लंड हार्ड हो गया था . मैं अपने हाथ थोड़ा आगे पीछे करने लगा .मुझे अच्छा लग रहा था.फिर मैं ने हाथ को ज़ोर ज़ोर से हिलाना सुरू किया.


उधर दोनो लड़को ने अपनी गति बढ़ा दी.फिर थोड़ी देर बाद हाँफने लगे .मुझे भी लगा कि मेरा सू सू निकल जाएगा .पर मेरे सू सू की जगह पर कुछ सफेद और गाढ़ा पानी निकल गया. मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे उपेर किसीने 100किलो सामान रख दिया हो और अब वो सामान मेरे उपेर से निकल गया. हल्का सा महसूस कर रहा था.

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